हनुमान जयंती पर हुई थी प्रतियोगिता आयोजित, समिति ने किया सम्मानित’
सिवनी – सनातन धर्म में ऐसी मान्यता है कि आज भी हनुमानजी अमर है अमर इसलिए कि भगवान राम के वे परमभक्त और शिव के अवतारी थे सनतन धर्म में हनुमान चालीसा एक महत्वपूर्ण भक्ति गीत है जिसका नियमित पाठ करने से भय से मुक्ति, मनोकामना पूर्ण होती है और हनुमान जी की कृपा बनी रहती है। श्री हनुमान जन्मोत्सव पर श्री हनुमान चालीसा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में विजेताओं को सम्मानित कर उन्हें 5 पुरस्कार दिए गए। एकल श्री हरि – संस्थान की ओर से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर श्रीहनुमान चालीसा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का ऑनलाइन आयोजन रखा गया था। इस स्पर्धा में 25 रोचक प्रश्नों को हल करते हुए आदेगांव बस स्टैंड निवासी गोलू सुंदरम पिता – शंकरलाल नेमा ने 75 हजार रुपए की राशि का द्वितीय पुरस्कार जीता है। और समूचे देश में ही नहीं अपितु अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ग्राम आदेगांव और सिवनी जिले का नाम गौरवान्वित किया है।
विजेता सुन्दरम नेमा ( गोलू) के द्वारा बताया गया कि इस स्पर्धा मे 13.90 लाख प्रतिभागियों ने – अपना रजिस्ट्रेशन करवाया था। दिल्ली की मुक्ति राठी ने सबसे कम समय में प्रतियोगिता के प्रश्नों को हल कर एक लाख – रुपए का प्रथम पुरस्कार जीता है। इसके अलावा देश के अलग अलग राज्यों से दस प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार के लिए भी चयन किया गया है।
’प्रतियोगिता की खासियत’ –
प्रतियोगिता में हनुमान चालीसा में राम, लखन, सीता, तथा हनुमान का प्रयोग कितनी बार हुआ है, हनुमान चालीसा के अनुसार पृथ्वी से सूर्य की दूरी कितनी है चालीसा मे हनुमान जी के लिए कौन सा शब्द प्रयोग में नहीं आया है, हर चीज पर नियंत्रण रखने की सिद्धी का नाम क्या है, संजीवनी बूटी किस पर्वत पर मिली तथा वह किस राज्य में है। हनुमान चालीसा किस भाषा में और कहां लिखा गया है जैसे प्रश्नों को पूछा गया था। आदेगांव संच समिति सदस्यों ने गोलू नेमा के परिवार में पहुंच प्रश्नास्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान संच समिति के सुनील नेमा, सचिन पाटकर, जय शंकर साहू, अंचल अभियान प्रमुख विनय वाजपेई, घनश्याम परते, पुलूलाल, प्रेम लाल आदि उपास्थित रहे।