सेवा समर्पण की राजनीति के गौरव पूर्ण पांच दशक पूर्ण किये डां. बिसेन ने

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डां. ढालसिंह बिसेन के 73 वें जन्मदिवस पर पत्रकार संजय सिंह का विशेष आलेख


सरल, सौम्य और सुलझे हुए व्यक्तित्व के धनी म.प्र.शासन के पूर्व मंत्री एवं पूर्व सांसद डॉ. ढालसिंह बिसेन का आज 73 वां जन्मदिन है। डॉ. बिसेन का जन्म 14 मई 1952 को कल्चुरी राजाओं द्वारा बनाये गये ऐतिहासिक मंदिरों के ग्राम आष्टा से लगे एक छोटे से गांव पिपरिया में प्रतिष्ठित किसान स्व. सेवकराम जी बिसेन एवं स्व.श्रीमती सोनाबाई बिसेन के यहां हुआ था। करीब 22 साल की उम्र में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों से प्रभावित होकर उन्होंने भारतीय जनसंघ (वर्तमान में भाजपा) से अपनी राजनीति की शुरूआत की थी। आज उनकी राजनीति को करीब पांच दशक पूर्ण कर लिये । डॉ. बिसेन की चुनावी यात्रा की शुरूआत वर्ष 1976 में पंच के चुनाव से हुई और इसके 14 वर्ष बाद वर्ष 1990 में बरघाट विधानसभा चुनाव से चुनाव जीतकर प्रदेश की राजनीति में पदार्पण किया। बरघाट विधानसभा से लगातार चार बार विधायक चुने गये। परिसीमन के कारण बरघाट विधानसभा क्षेत्र आरक्षित हो गया जिसके कारण पार्टी द्वारा उन्हें वर्ष 2008 एवं वर्ष 2013 में केवलारी विधानसभा से टिकिट दी गई किंतु दोनों बार भीतरघात के चलते जीत संभव नहीं हो सकी। पार्टी द्वारा उनकी योग्यता और अनुभव का उपयोग वर्ष 2019 में सिवनी बालाघाट संसदीय क्षेत्र की टिकिट देकर किया गया। इस लोकसभा चुनाव में दो लाख से भी अधिक मतों से चुनाव जीतकर उन्होंने इतिहास रच दिया।

भ्रष्टाचार का दाग तो दूर एक छींटा भी नहीं लगा। विधायक और सांसद का भी कार्यकाल बेदाग रहा।

डॉ. बिसेन का राजनैतिक सफर काफी लम्बा है। राजनीति के बारे में आम लोगों की यही धारणा होती है कि यह कोयला की कोठरी की भांति होती है, इससे निकलने वाला कुछ न कुछ कालिख लेकर ही बाहर आता है। वर्तमान में लोगों की यह धारणा सौ प्रतिशत सही है किन्तु अपवाद भी होता है। सुचिता की राजनीति को अपना ध्येय बनाकर चलने के कारण ही इतने लम्बे राजनैतिक जीवन में उमा जी की सरकार से लेकर बाबूलाल जी गौर की सरकार में वन, परिवहन, खनिज सहित विभिन्न विभाग के मंत्री और शिवराज सरकार में म.प्र.वित्त आयोग के अध्यक्ष रहने के बावजूद उन पर भ्रष्टाचार का दाग तो दूर एक छींटा भी नहीं लगा। विधायक और सांसद का भी कार्यकाल बेदाग रहा। वन मंत्री रहते हुए उनके द्वारा बनाई गई हरा पत्ता (तेंदूपत्ता) नीति का परिणाम आज सबके सामने है। इस नीति का अनुसरण बाद में छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, कर्नाटक सहित कई प्रदेशों ने किया। इसी तरह शिक्षा मंत्री रहते हुए उन्होंने बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने कन्या सायकिल योजना और यूनिफार्म योजना बनाई जो आज भी भाजपा सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल है।

जलावर्धन योजना के माध्यम से जल संकट का हमेशा के लिए दूर होना हैं

जीवन के हर एक मुकाम पर संघर्षशील एवं संवेदनशीलता का परिचय देने वाले डॉ. बिसेन को विकास पुरूष कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी। उन्होंने अपने चार टर्म के विधायक कार्यकाल के दौरान अपनी विधानसभा के लोगों की जरूरतों को जाना और वहां की भौगोलिक परिस्थितियों को समझा और उसके अनुरूप विकास का खांका खींचा। डॉ. बिसेन की दूरर्शिता का ही परिणाम है अक्सर सूखाग्रस्त घोषित रहने वाला समूचा बरघाट ब्लॉक आज धान के अलावा अन्य फसलों का लाभ लेकर फल फल रहा है। कांचना मंडी जलाशय भी डॉ. बिसेन के सोच का नतीजा है जिससे साढ़े तीन हजार हेक्टेयर जमीन सिंचित करने का लक्ष्य के अलावा बरघाट नगर के लिए जलावर्धन योजना के माध्यम से जल संकट का हमेशा के लिए दूर होना हैं। इसी तरह मात्र पांच वर्ष का जिसमें यदि कोरोना काल के दो वर्ष अलग किये जाये तो मात्र तीन वर्ष के कार्यकाल में बतौर सांसद उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र में केंद्र सरकार की अधोसंरचना विकास योजनाओं को स्वीकृत कराया। सिवनी एवं बालाघाट के रेलवे स्टेशन का भविष्य में दिखने वाला स्वरूप, सिवनी कटंगी रेल लाईन का सर्वे, नागपुर रेलवे क्रासिंग पर निर्माणाधीन ओवर ब्रिज, बालाघाट में निर्माणाधीन ओवर ब्रिज सहित अंडर ब्रिज, फोरलेन सड़के सहित अन्य सड़के एवं केंद्र की योजना अंतर्गत स्वीकृत अन्य विकास कार्य उनके विकास पुरूष होने का प्रमाण दे रहे है।

जिस जनता ने उन्हें अपना स्नेह दिया उन पर विश्वास किया तब उनका भी दायित्व बनता है

आज भले ही डॉ. बिसेन किसी पद पर नहीं है किन्तु राजनीति में सक्रिय तौर से बने हुए है। अपने सांसद के कार्यकाल में उन्होंने अधोसंरचना विकास के सिवनी एवं बालाघाट जिले में जो भी काम स्वीकृत कराये थे उन्हें शुरू कराने एवं जो कार्य बजट के या किसी कारणवश पूरे नहीं हो पाये उन्हें पूरा कराने के लिए सतत प्रयासरत है। डॉ. बिसेन का मानना है कि जिस जनता ने उन्हें अपना स्नेह दिया उन पर विश्वास किया तब उनका भी दायित्व बनता है कि वे जन भावनाओं को शिरोधार्य करें और विश्वास पर खरे उतरे। उनका यह भी मानना है कि विकास के लिए किसी पद की नहीं बल्कि सामथ्र्य और योग्यता की जरूरत होती है।

पासपोर्ट कार्यालय खुलवाने का प्रयास शुरू कर दिया
सिवनी जिलेवासियों को पासपोर्ट बनवाने के लिये भोपाल के चक्कर लगाना पड़ता था समय भी नष्ट होता था और रूपया भी । वर्ष 2019 में सांसद बनने के बाद डां. बिसेन ने सिवनी मुख्यालय मे पासपोर्ट कार्यालय खुलवाने का प्रयास शुरू कर दिया । नीतिगत निर्णय अनुरूप एक संसदीय क्षेत्र मे एक ही पासपोर्ट कार्यालय खुल सकता था। यहां डॉ. बिसेन के अनुभव और लगन का ही कमाल है कि आज जिले मे पासपोर्ट कार्यालय है और भोपाल की भाग-दौड़ से जिलवासियों को मुक्ति मिल गई है।

सेंट्रल स्कूल एवं एफ. एम.रेडियो रिले सेन्टर भी प्रारंभ हो चुका
जिले में मात्र दो सिवनी एवं लखनादौन में सेन्ट्रल स्कूल है । जिले की जनसंख्या और भौगोलिक स्थिती के हिसाब से चार सेन्ट्रल स्कूल होना चाहिये थे । डां. बिसेन ने इस जरूरत को महसूस किया और प्रयास कर बरघाट के ग्राम जैवनारा में सेन्ट्रल स्कूल की स्वीकृति दिला दी थी । यह कार्य प्रक्रियाधीन है । बालाघाट जिले के तिरोड़ी मे एक एक सेन्ट्रल स्कूल भी उन्होंने ही स्वीकृत कराया था । सिवनी मे 100 वॉट का एफ.एम. रेडियो रिले सेन्टर भी प्रारंभ हो चुका है, जिसकी स्वीकृति का श्रेय भी डां. बिसेन को जाता है।

पूर्व सांसद डां. बिसेन बरघाट नाका रेल्वे क्रासिंग के ओवर ब्रिज सहित सिवनी बालाघाट फोरलेन मार्ग के लिये प्रयासरत
कोहका से बंडोल 43 किलोमीटर लागत करीब 108 करोड़ कार्य प्रगतिरत । इस टू लेन मार्ग से छिंदवाड़ा से जबलपुर की दूरी जहां कम होगी वहीं फुलारा टोल प्लाजा से भी निजात मिल जायेगी। यही नहीं इस मार्ग मे पडने वाले सभी ग्रामों को भी सीधी आवागमन की सुविधा उपलब्ध होगी। ग्राम भोंगाखेड़ा से छुआई – घोटी – जाम – रामगढ़ से चैरई तक लागत 89 करोड़ की सड़क जिसका काम जारी है । इन बड़ी एवं महत्वपूर्ण सड़को के अलावा कलारबांकी से कान्हीवाड़ा, सोनाडोंगरी से खमरिया सहित अन्य सड़क मार्ग भी हरहरपुर में बैनगंगा नदी, हिर्री नदी पर दो उच्च स्तरीय पुल सहित फोरलेन में तीन फुट ओवर ब्रिज एवं सर्विस रोड, अन्य छोटी दूरी की सड़के सहित अनेक निर्माण कार्य डां. बिसेन के सांसद कार्यकाल का ही नतीजा है । इसके अलावा पूर्व सांसद डां. बिसेन बरघाट नाका रेल्वे क्रासिंग के ओवर ब्रिज सहित सिवनी बालाघाट फोरलेन मार्ग के लिये प्रयासरत है । उल्लेखनीय है कि डां. बिसेन की मांग पर इस मार्ग की तत्कालीन एवं वर्तमान सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने वर्ष 2023 में बालाघाट एवं मंडला प्रवास के दौरान घोषणा भी कर दी थी । इसके अलावा प्रधानमंत्री संड़क योजना फेस तीन अंतर्गत सिवनी एवं बरघाट विधानसभा क्षेत्र की अनेक सड़को का चैड़ीकरण भी करवाया ।

फ्लाई ओवर, ओवर ब्रिज –
अपने सांसद कार्यकाल के प्रारंभिक वर्षो में ही डां. बिसेन ने फोरलेन निर्माण मे आने वाली सारी बाधायें दूर की जिसका परिणाम है एशिया का सबसे बड़ा और सुंदर साउंड एंड लाईट प्रुफ्र फ्लाई ओवर युक्त मार्ग मिला। इसी के साथ सिवनी को खैरीटेक से नगझर तक फोरलेन मार्ग के साथ नागपुर रोड रेल्वे क्रांसिंग पर ओवर ब्रिज स्वीकृत ही नहीं कराया बल्कि 126 करोड़ रूपये का बजट भी दिलाया, जिसका कार्य प्रारंभ है । रेल्वे क्रांसिंग पर ओवर ब्रिज की मांग भी वर्षो पुरानी थी जिसके लिये डां. बिसेन का भागीरथी प्रयास हमेशा याद रखा जायेगा ।

रेल्वे पर विशेष फोकस
वर्ष 2019 में जब डां. बिसेन सांसद निर्वाचित हुये थे तो उन्होने सबसे पहले अमान परिवर्तन पर फोकस किया था। रेल अधिकारियों के साथ बैठक कर रेल्वे स्टेशन पर बनने वाले दो कमरे के यात्री भवन की ड्राईंग डिजाईन बदलवाई और मॉर्डन स्टेशन स्वीकृत करवाया था। सिवनी रेल्वे स्टेशन एन एस जी 6 की श्रेणी में आता है । इस श्रेणी में आने वाले रेल्वे स्टेशन केवल दो प्लेटफार्म एवं दो कमरों के कार्यालय और यात्री प्रतिक्षालय वाले होते है । यह डां. बिसेन की काबलियत ही कही जायेगी कि उन्होंने शहरवासियों की सुविधा को देखते हुये शहर की ओर ऐसा सर्वसुविधा युक्त नया भवन स्वीकृत करवाया,जो आज बनकर लगभग तैयार है साथ ही प्लेट फार्म की संख्या दो चार करवाई ताकि सिवनी को और एक्सप्रेस ट्रेने मिल सके। नैनपुर एंड की ओर भी एक फुट ओवर ब्रिज बनकर तैयार है । उन्होंने स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक की जो वर्तमान में बिल्डिंग है उसे अमृत भारत योजना में शामिल करवाया जिससे वर्तमान में वहाँ करीब 14 करोड़ की लागत से यात्रियों को अत्याधुनिक सुविधाएँ देने हेतु निर्माण कार्य जारी है । इस योजना के तहत प्लेट फार्म नंबर एक दो तीन में यात्रियों की सुविधा के लिये लिफ्ट भी रहेगी साथ ही प्रसाधन की व्यवस्था भी रहेगी । आने वाले समय में जब रेल्वे स्टेशन के सभी कार्य पूर्ण हो जायेंगे तो उसकी तस्वीर ही बदल जायेगी । भविष्य में सिवनी रेलवे स्टेशन जंक्शन भी बन सकता है । डां. बिसेन की मांग पर सिवनी से तिरोड़ी नई रेल लाईन हेतु सर्वे हो चुका है एवं उस समय यह मामला बजट में शामिल होने की प्रक्रिया के बहुत करीब था ।

रैक पाइंट एवं नया बायपास

सिवनी का व्यापार बढ़े और किसानों को उपज का अन्य शहरों के बाजारों से उचित दाम मिले इसके लिये उन्होने रेक प्वाइंट स्वीकृत कराया। रैक पॉइंट से आज सिवनी के व्यपारियों का व्यापार जहां बढ़ रहा है वहीं जिले के अन्नदाताओं को उनकी उपज का उचित दाम मिल रहा है। रसायनिक खाद, सीमेन्ट, लौहा के रैक आने का जहां मार्ग प्रशस्त हुआ है वहीं गिटटी एवं अन्य मटेरियल परिवहन की भी स्वीकृति उन्होंने ही दिलाई थी । रैक पाइंट बनने से नगर को एक नया बाईपास भी मिला है । बरघाट नाका रेल्वे क्रासिंग के पहले से कटंगी रोड रेल्वे स्टेशन होते हुये यह बाईपास नागपुर रोड में मिलता है । जिससे बालाघाट एवं मंडला से आने वाले वाहन बगैर शहर में प्रवेश किये सीधे नागपुर रोड आ जा रहे है ।

बधाई एवं शुभकामनायें
मानवीय संवेदनाओं के प्रति अजेय आस्था, सादगी और सहजता के धनी, कर्म के प्रति गंभीर दृष्टिकोण, जनसेवा के लिये समर्पण, आपने दायित्वों के प्रति निष्ठा का भाव ही डॉ. ढालसिंह बिसेन को वर्तमान राजनैतिक परिवेश में एक अलग ही पहचान देता है। पांच दशक लम्बे राजनैतिक सफर में अनेक उपलब्धियों की सौगात देने वाले डॉ. ढालसिंह बिसेन को उनके 73 वां जन्मदिवस पर ढेर सारी बधाई और शुभकामनायें, इस अपेक्षा के साथ कि भविष्य मे भी वे मूल्यों और सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध रहते हुये अपने दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करें और अपने राजनैतिक सफर मे जिले को उसके वर्तमान और भविष्य की अनेक उपलब्धियां दें।