योगेश सूर्यवंशी, सिवनी,पिपरवानी। – लोग लाखो करोडो रूपये खर्च कर अपने बच्चो को पढाते है लिखाते है जिसके बाद एमबीबीएस की पढाई करवाते है जिसमें कडा परिश्रम और माता की खून पसीने की गाढी कमाई भी खर्च होती है जिसके बाद कही जाकर बहुत कम ही बच्चे होते है जो काबिल चिकित्सक बनकर अपनी सेवाये देश विदेश में देते है लेकिन ठीक इसके विपरीत गाॅव देहातो में कुछ झोलाछाप डाक्टर लोगो को अन्धेरे में रखकर बीमार लोगो ईलाज कर अपना उल्लू सीधा करते है उन्हे सिर्फ इतना भर पता हो जाये कि यह दवा बुखार की है उल्टी है सिरदर्द की है या बदन दर्द कुछ दवाओ के नाम याद कर और कही – कही से इन्जेक्शन लगाना सीखकर ग्रामीण लोगो को उल्लू बनाने का काम करते है साथ ही कुछ ऐसे भी झोलाछाप डाक्टर है जिनके पास आर्युवेद या होम्योपैथी ईलाज की अनुमति होती है लेकिन वे एलोपैथी अंग्रेजी दवाओ का स्तेमाल करते है जिससे जाने कितने लोगो को अपनी जान गवानी पडती है तो वही चंद पैसो में ठीक होने वाले भोले भाले ग्रामीणो को लाखो रूपयो का चूना ये झोलाछाप डाक्टर लगाते है साथ ही ये लोग तब तक ईलाज करते है जब तक मरीज की स्थिति गंभीर ना हो जाये जिसके बाद सीधे अन्य जगह ईलाज के लिए ले जाने की सलाह देते है जिसके बाद बदनाम अन्य डिग्रीधारी चिकित्सक होते है इस विषय में जब हमने सीएचएमओ से बात की तो उनका कहना था कि जब कही से शिकायत मिलती है तब हम कार्रवाई करते है मतलब जहां जैसा चल रहा है चलने दो जब कोई घटना हो जायेगी तब कार्रवाई होगी।

ऐसा ही एक मामला कुरई के थाना क्षेत्र अंतर्गत आनेवाली ग्राम पंचायत जटामा निवासी शिव कुमार अडमाचे पिता भैया लाल अडमाचे निवासी जटामा उम्र लगभग 32 वर्ष विवाहित एक बेटी 15 माह की 10 जून 2025 मंगलवार को हाथ में दर्द होने पर पिपरबानी के अमृत हेल्थ केयर एंड मेडिकल एक निजी अस्पताल में इलाज कराने गए थे। परासपानी के डॉ, राकेश पिता जयप्रकाश गोपाल होम्योपैथी डिग्री का बोर्ड लगा हुआ है। डॉ ने अपने देखने के बाद 3 इंजेक्शन लगाया और बोला कि कुछ देर बाद हाथ का दर्द ठीक हो जाएगा 600 रुपए लिया और घर जाने को बोल दिया। घर वापस आते समय रस्ते पर पूरा शरीर काला पढ़ने लगा और शरीर पर फोड़े जैसे दिखाई देने पर फिर वापिस ले जाने पर डॉ ने दूर से ही देखा ओर बोला तुमसर ले जाओ फिर कुरई के गए जहां चिकित्सक ने मृत घोषित किया। कुरई थाना जाकर एफ आई दर्ज कराई और कुरई में शवपरीक्षण के बाद शव को परिजनों को सौप दिया जहां कुरई पुलिस ने जाकर अस्पताल को शील किया है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी मुताबिक 2 वर्षों से इस अस्पताल में पैथालॉजी लेव, मेडिकल स्टोर्स ओर इलाज भी किया जा रहा है। यहां पर एक एमबीबीएस का बोर्ड भी लगा। यह 3 तीसरा मामला है।
इनका कहना है कि शरीर काला पड़ गया था और कुरई अस्पताल आने के पूर्व ही मौत हो चुकी थी। शवपरीक्षण के पश्चात फॉरेंसिक जांच के लिए पहुंचा दिया गया है। डॉ आतिश माथुरकर पीपरवानी कुरई प्रभारी
इस मामले में पूछताछ के लिए कृपाल टेकाम कुरई थाना प्रभारी को फोन लगाया गया तो उन्होने फोन रिसीव नही किया।






