सिवनी – सरकार द्वारा समाज के आखिरी छोर के व्यक्ति के कल्याण के लिए जाने कितनी जनकल्याणकारी योजनाये चलाई जाती है लेकिन इसके संचालनकर्ताओ द्वारा भ्रष्टाचार करने की मंशा से सारी की सारी योजनाओ पर पानी फिर रहा है ऐसा ही कुछ मामला प्रकाश में आया है जहां क्षेत्र की सेवा सहकारी समीति धनौरा अंतर्गत उचित मूल्य की दुकाने के माध्यम से गरीबों को प्रतिमाह मिलने वाले राशन पर डाका डाला जा रहा है।
प्रतिमाह हितग्राहियो के थम्ब लगवा लेता है सैल्समैन
इस मामले में जब हमारे प्रतिनिधि ने मौके पर जाकर हितग्राहियो से बात किया तो गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले गरीबो ने बताया कि यहा का सैल्समैन हमसे हर माह मशीन में थम्ब तो लगवा लेता है जिसके बाद राशन ना आने की बात कहकर तीन – तीन और चार – चार महिने का राशन एक साथ देता है उसमें भी राशन उपर से कम आने की बात कहकर राशन में कटौती कर लेता है।
किसी को मिलता है किसी को नही मिलता
राशन की दुकान कब खुलती है और कब नही पता नही लेकिन तीन चार महिने में एक बार सैल्समैन द्वारा राशन की दुकान खोली जाती है उसमें भी जो गरीब हितग्राही ने मौका भाॅपकर या जानकारी पाकर राशन ले लिया तो ठीक नही तो जो हितग्राही गरीब समय पर नही पहुॅचा तो उसका राशन नही दिया जाता।
राशन खत्म हो गया अब कहा से लाकर दूॅं
जो हितग्राही तीन चार महिने में दुकाने खुलने पर जब नही पहुॅच पाते और उनके द्वारा उनके हिस्से के गल्ले की जब मांग सैल्समैन से की जाती है तो सैल्समैन द्वारा कहा जाता है कि गल्ला समाप्त हो गया कहां से लाकर दूॅ सूत्र बताते है कि कुछेक गरीबो को यह तक कह दिया जाता है कि गल्ला खतम हो गया कहां से लाकर दूॅ।
चिलचिलाती धूप में दो – दो चार – चार किलोमीटर दूर से आते है गरीब
गरीब जनता गल्ला लेने दो -दो चार – चार किलोमीटर दूर से चिलचिलाती धूप में गल्ला लेने आती है जो कि अपने छोटे -छोटे नौनिहाल दुधमुहें बच्चो के पेट में दो जून का अनाज खिला सके जिसके लिए दिन भर की मेहनत मजदूरी छोडकर चले आते है जिनके छाॅव मे बैठने तक की व्यवस्था सैल्समैन द्वारा नही की जाती है जहां 41,42 डिग्री तेज गर्मी में गरीब जनता दो जून का अनाज पाने चिलचिलाती धूप मंें गल्ला पाने बैठे रहते है जिसके बाद यह कह दिया जाता है कि गल्ला खत्म हो गया।
जब थम्ब लग गया तो गरीबो का अनाज गया कहां
सरकार द्वारा गरीबो के हिस्से का गल्ला राशन दुकानो में प्रतिमाह भेजा जाता है और जो व्यक्ति गल्ला नही ले पाता उसका गल्ला वापस हो जाता है लेकिन जब सैल्समैन द्वारा थम्ब लगवा लिया जाता है तो फिर गल्ला आखिर जाता है कहां है।
गल्ले की होती है कालाबाजारी
जब गरीबो हिस्से का गल्ला गरीबो को नही दिया जाता तो फिर सीधे – सीधे गल्ले की कालाबाजारी किये जाने का इशारा साफ तौर पर मिलता है कलेक्टर के पास आये जामुनपानी के ग्रामीणो ने बताया कि जब राशन की गाडी आती है तो उसे पहले ही सैल्समैन अनारीलाल अहिरवार द्वारा बेच दिया जाता है।
सैल्समैन अपने साथ रखता है दो चार मुस्टंडे
सैल्समैन अनारीलाल अहिरवार द्वारा अपनी रक्षा के लिए दो चार मुस्टंडे साथ में रखता है यदि किसी गरीब ने यह कहा कि मुझे तीन महिने का राशन दो या फिर कहा कि गल्ला खराब क्यों दे रहे हो या फिर यह कहा कि मेरे हिस्से का गल्ला कहा चला गया जब मैने गल्ला लिया नही तो फिर गल्ला खत्म कैसे हो गया ऐसी स्थितियो से निपटने के लिए सैल्समैन दो चार मुस्टंडे अपने साथ रखकर गल्ले का वितरण करता है।
अब देखना होगा कि गरीबो के हक पर डाका डालने वाले और गरीबो के मुॅह निवाला छीनने में और किस – किस का हाथ है और मामले की जाॅच कर दोषियो के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है या फिर ले देकर मामले को रफा – दफा कर दिया जायेगा।







