सिवनी -आये दिन अधिकारियों के नये – नये और अजीबो गरीब कारनामें सुनने और देखने को मिल जाते है जिससे देखकर लगता है कि यही चलता रहा तो ऐसे अधिकारी देश को किस दिशा में लेकर जायेगें कल्पना करना मुश्किल है कुछ ऐसा ही कारनामा नगर परिषद के सीएमओ वेदप्रकाश ओमपुरी नेकर दिखाया है जिसकी जाॅच की जानी चाहिए कि इन्होने ऐसे लापरवाहपूर्ण कार्य कहां – कहां अपने कार्यकाल में किए है बताते है इनका कारनामा बरघाट के वार्ड क्रमांक 15 में शासकीय भूमि पर बन रहे भवन में नपा के रसीद क्रमांक 432/ राजस्व शा./न.परि./2025 दिनाॅंक 01 अक्टूबर 2025 को अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करते हुए बताया है कि विजय कुमार बेलेश्वर आत्मज उमेद बेलेश्वर के नाम वार्ड क्रमांक 15 मकान पंजी वर्ष 2025 – 26 के अनुक्रमांक 98 पृष्ठ क्रमांक 25 पर मकान दर्ज है।
अतः मकान के नियमानुसार विद्युत कनेक्शन घरेलू/व्यवसायिक दिए जाने की अनुशंसा की जाती है किसी भी प्रकार की आपत्ति प्राप्त होने पर यह प्रमाण पत्र स्वतः निरस्त माना जावे। तो वही दूसरी तरफ सीएमओ ने उक्त नाम से किसी भी प्रकार की अनुमति नही देने की बात भी स्वीकारी है। आपको बताते है क्रमांक 57 दिनाॅंक 2026 दिनाॅंक 6 मई 2026 को एक पत्र सुरेश प्रजापति के नाम से जारी होता है जिसमें नगर परिषद बरघाट सीएमओ वेदप्रकाश ओमपुरी द्वारा बताया जाता है कि विजय कुमार बेलेश्वर निवासी मोहगाॅव को वार्ड नंबर 15 बरघाट में मकान बनाने हेतु अनुज्ञा सेक्शन लेटर नल कनेक्शन एवं विद्युत कनेक्शन एनओसी कार्यालय से प्रदान नही की गई ह। अब देखना बाकी होगा कि सीएमओ साहब ने किस हालत मंें उक्त व्यक्ति को किस आधार पर बिजली और पानी का कनेक्शन दे दिया जिसके बाद दूसरी तरफ से उक्त व्यक्ति को बिजली पानी कलेक्शन प्रदान नही किये जाने की बात स्वीकार कर रहे है।
क्या काम है नगर परिषद सीएमओ का
नगर पालिका परिषद के सीएमओ नगर प्रशासन के प्रमुख कार्यकारी आधिकारी होते है। उनका काम नगर पालिका के दैनिक प्रशासन,विकास कार्यो,और शासन के निर्देशो का लागू करना होता है उनकी मुख्य जिम्मेदारियां कुछ इस प्रकार है –
प्रशासनिक कार्यो का संचालन – नगर पालिका के कर्मचारियों के कार्यो की निगरानी करना।
कार्यालय व्यवस्था और प्रशासनिक कार्य सुचारू रखना।
विकास कार्यो की देखरेख – सडक,नाली,पानी,स्ट्रीट लाईट,सफाई जैसे विकास कार्यो की योजना और निगरानी रखना।
निर्माण कार्यो की गुणवत्ता और समयसीमा सुनिश्चित करना।
सफाई एवं स्वास्थ्य व्यवस्था – नगर में साफ – सफाई की व्यवस्था बनाए रखना। कचरा प्रबंधन,स्वच्छता अभियान और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुडें कार्य करवाना।
नगर पालिका के बजट और वित्तिय कार्य – बजट तैयार करना और खर्चो की निगरानी करना।
कर वसूली,आय व्यय और वित्तीय रिकार्ड संभालना।
शासन के आदेशा का पालन – राज्य सरकार और जिला प्रशासन के निर्देशो को लागू करना।
योजनाओ और सरकारी कार्यक्रमों का क्रियान्वयन करना।
जन शिकायतो का समाधान – नागरिकों की शिकायतें सुनना और समाधान करवाना।
पानी ,सडक,सफाई,अतिक्रमण जैसी समस्याओं पर कार्रवाई करना।
बैठको की भूमिका – नगर पालिका परिषद की बैठकों में भाग लेना। प्रस्तावों और निर्णयो को लागू कराना।
कानूनी और रिकार्ड संबंधि कार्य – जन्म मृत्यु प्रमाण पंजीकरण,भवन अनुमति,लाईसेंस आदि प्रक्रियाओं की देखरेख करना और नगरपालिका के अभिलेखो को सुरक्षित रखना।
इसके अलावा सीएमओ नगर पालिका के चुने हुए अध्यक्ष और पार्षदों के साथ मिलकर काम करते है लेकिन प्रशासनिक स्तर पर वे शासन के नियमों और कानूनों को अनुसार जिम्मेदार होते है। अब आगे देखना होगा प्रशासन ऐसे गैरजिम्मेदाराना अधिकारियो के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है।





