सिवनी – दक्षिण सामान्य वन मंडल सिवनी के कुरई परिक्षेत्र अंतर्गत गोरखपुर बीट के पीएफ 258 कम्पार्टमेंट के ग्राम जिलापुर में बाघ के हमले से एक महिला की मौत हो गई। घटना के बाद गाॅव मं दहशत का माहौल है।
ग्राम जिलापुर निवासी शांति बाई पति रोशन कुमरे जिसकी उम्र 55 वर्ष बताई जा रही है महिला गाॅव से लगे जंगल में गुल्ली बीनने गई थी इसी दौरान घात लगाए बैठे बाघ ने उनपर हमला कर दिया।


परिजनों एवं ग्रामीणों द्वारा खेत से लगे जंगल मे तलाश करने पर शांति बाई का शव बरामद हुआ है।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग का अमला मौके पर पहुॅचा और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई। बाघ की माॅजूदगी की सूचना के आसपास के ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल है।
आपको बता दें वन्य जीव ( जैेसे बाघ,तेंदुआ,भालू आदि ) आमतौर पर बिना कारण मानव पर हमला नही करते। हमला कुछ विशेष परिस्थितियों में हो सकता है।


कब हमला करते है
जब उन्हे अचानक खतरा महसूस हो।
जब कोई इंसान बहुत करीब पहुॅच जाए,खासकर उनके बच्चे,भोजन या ठिकाने के पास।
रात,सुबह या शाम के समय जब कई शिकारी जीव ज्यादा सक्रिय होते है।
जब वे घायल,बूढे या कमजोर हो और सामान्य शिकार पकडना कठिन हो।
कैसे हमला करते है
वे पहले अक्सर छिपकर स्थिति देखते है।
खतरा महसूस होने पर गुर्राना,चेतावनी देना या पीछे हटना भी कर सकते है।
बहुत नजदीक आने पर अचानक झपटटा मार सकते है।


क्यो हमला करते है
आत्मरक्षा – उन्हे लगता है कि इंसान नुकसान पहुचाएगा।
भूख या शिकार की कमी – कभी – कभी भोजन की कमी में मानव बस्ती के पास आ जाते है।
क्षेत्र ( इलाके ) की रक्षा – अपने इलाके में घुसने पर प्रतिक्रिया कर सकते है।
मानव – वन संघर्ष – जंगल कम होने ,सडक खेती और बस्तियां बढने से उनका प्राकृतिक क्षेत्र प्रभावित होता है।
बचाव के लिए
जंगल में अकेले ना जाए,खासकर अंधेरे के समय।
किसी जंगली जानवर को देखकर उसके पास जाने या फोटो लेने की कोशिश ना करे।
बच्चों और पालतू जानवरों को वन क्षेत्र के पास अकेला ना छोडे।
सामना हो जाए तो दौडने के बजाए शांत रहे और धीरे – धीरे दूरी बनाए।