
सिवनी। भारतीय संस्कृति में परिवार को समाज की सबसे मजबूत इकाई माना गया है। वर्तमान समय में बदलती जीवनशैली, बढ़ती व्यस्तता और आधुनिकता के प्रभाव के बीच परिवार संरक्षण एवं संवर्धन का विषय अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है। इसी उद्देश्य को लेकर आयोजित कार्यक्रम में कलाकारो ने परिवार को संस्कार, प्रेम, सहयोग और सामाजिक समरसता का केंद्र बताते हुए इसके संरक्षण एवं संवर्धन पर विशेष जोर दिया।

’शांति शिखर,सिवनी’ प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी संस्थान द्वारा आधुनिक समय में पारिवारिक मूल्य के संवर्द्धन में समाज व संस्कृति तथा पुलिस की भूमिका विषय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में एक नाटक के माध्यम से कलाकारो ने बताया कि मजबूत परिवार ही सशक्त समाज और समृद्ध राष्ट्र की आधारशिला है। परिवार के प्रत्येक सदस्य का दायित्व है कि वह आपसी विश्वास, सम्मान, संवाद और सहयोग की भावना को बनाए रखे। बच्चों को नैतिक संस्कार, बुजुर्गों का सम्मान तथा भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं का संरक्षण परिवार से ही प्रारंभ होता है।

नाटिका के माध्यम से आगे बताया गया कि वर्तमान समय में परिवारों में संवाद की कमी, बढ़ती दूरियां और सामाजिक चुनौतियों के कारण पारिवारिक मूल्यों को सहेजने की आवश्यकता पहले से अधिक महसूस की जा रही है। परिवार के सभी सदस्यों को नियमित रूप से एक साथ समय बिताने, एक-दूसरे की भावनाओं को समझने तथा सुख-दुख में सहभागी बनने का संकल्प लेना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित भाई बहनो ने परिवार संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश जन-जन तक पहुंचाने तथा भारतीय पारिवारिक मूल्यों को सुदृढ़ बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में ब्रम्हकुमारी ज्योति दीदी ने कहा कि यदि प्रत्येक परिवार संस्कार, अनुशासन और आपसी प्रेम को अपनाएगा तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन स्वतः दिखाई देगा।
जिसके बाद नशा मुक्ति को लेकर प्रभारी पुलिस नियंत्रण कक्ष निरीक्षक ओमेश्वर ठाकरे ने कहा कि घरों में बच्चों को नशे की सामग्री लाने के लिए कहना और बड़ों को नशा करते देखना युवा पीढ़ी को दुष्प्रेरित कर रहा है। नशे पर होने वाले व्यय को यदि बचत में बदला जाए तो सामाजिक-आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। उन्होंने आध्यात्मिक ज्ञान, योग एवं प्राणायाम को नशा मुक्ति का सशक्त माध्यम बताया।

प्रभारी साइबर सेल देवेंद्र जायसवाल ने मोबाइल, सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग एवं फाइनेंशियल फ्रॉड तथा साइबर सुरक्षा एवं हेल्पलाइन 1930 के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में संस्थान की प्रमुख आदरणीय ज्योति दीदी, गीता दीदी, नीतू दीदी एवं ब्रह्मकुमारी परिवार के सदस्यों की उपस्थिति में 1000 से अधिक गणमान्य जनों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से पारिवारिक मूल्यों एवं व्यसन से दूरी का संदेश भी दिया गया।
’अभियान का उद्देश्य’
यात्रियों, चालकों एवं आमजन को नशे के शारीरिक, मानसिक एवं आर्थिक दुष्प्रभावों से अवगत कराकर नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो का संकल्प दिलाना।
’महत्वपूर्ण हेल्पलाइन’
नशे की लत से परेशान व्यक्ति सहायता के लिए मानस हेल्पलाइन 1933 एवं नशामुक्ति हेल्पलाइन 14446 पर संपर्क कर सकते हैं।
यह अभियान 30 जुलाई तक जिले के प्रत्येक गांव, स्कूल एवं सार्वजनिक स्थान पर निरंतर जारी रहेगा।
कार्यक्रम के अंत में नगर सहित क्षेत्र के कलाकारो का भव्य रूप से सम्मान किया गया।






