खुले आसमान के नीचे पड़ी फसल, 52 किसानों ने दायर की याचिका
पिपरवानी – आदिवासी बाहुल्य विकासखंड कुरई अंतर्गत ग्राम पंचायत पिपरवानी के 52 किसानों ने धान खरीदी न होने से आक्रोशित होकर जबलपुर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। किसानों ने खरीदी केंद्र की गंभीर लापरवाही के खिलाफ हाईकोर्ट में पिटिशन दायर की है।
इससे पूर्व किसानों द्वारा जिला कलेक्टर को लिखित आवेदन सौंपकर धान खरीदी केंद्र में अनियमितताओं की शिकायत करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की गई थी, लेकिन कोई ठोस पहल न होने से किसानों को न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।
किसानों ने बताया कि धान खरीदी केंद्र द्वारा स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 12 जनवरी 2026 निर्धारित थी। इससे पहले ही किसानों ने अपनी उपज समय पर खरीदी केंद्र में पहुंचा दी थी, इसके बावजूद न तो सभी किसानों की धान की तौल की गई और न ही रिकॉर्ड ऑनलाइन पोर्टल में दर्ज किया गया।
करीब 10 से 15 किसानों की धान की तौल तो कर दी गई, लेकिन उनका डेटा भी अब तक पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया है। वहीं शेष किसानों की धान आज भी खुले आसमान के नीचे पड़ी हुई है, जिससे फसल के खराब होने और भारी नुकसान की आशंका बनी हुई है।

धान खरीदी का कार्य सरस्वती स्व सहायता समूह, देवरी द्वारा किया जा रहा है। किसानों ने स्व सहायता समूह पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र पर “मुंह देखी खरीदी” की जा रही है, जिसके चलते कई किसानों की फसल न तो तौली गई और न ही ऑनलाइन दर्ज की गई।
पीड़ित किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सभी किसानों की धान की तत्काल तौल कराकर पोर्टल में विधिवत प्रविष्टि की जाए तथा भुगतान प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए।
किसानों ने यह भी बताया कि उन्होंने सोसायटी से कर्ज लेकर खेती की है। यदि समय पर धान खरीदी और भुगतान नहीं हुआ तो वे कर्ज चुकाने में असमर्थ हो जाएंगे, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और अधिक बिगड़ सकती है।
न्याय न मिलने से आक्रोशित किसानों ने अंततः जबलपुर हाईकोर्ट में पिटिशन दायर कर न्याय की गुहार लगाई है।
आभार – योगेश सूर्यवंशी








