सिवनी – जिले के लखनादौन नगर परिषद में शाॅपिंग काम्पलेक्स की दुकानों के आवंटन में 83 लाख रूपये की गडबडी का मामला प्रकाश मंें आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ इओडब्लु जबलपुर ने नगर परिषद अध्यक्ष मीना बलराम गोल्हानी,दो सीएमओ समेत कुल 23 लोगो पर जाॅच के बाद एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि नियमो की अनदेखी कर दुकानो का आवंटन मानमाने तरीके से किया गया है। जिससे शासन को लगभग 23 लाख रूपये का राजस्व का नुकसान हुआ है। इओडब्लु ने इस मामले में भारतीय दंड साहिता की धारा 409,120 बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 ( संशोधित 2018 ) की धारा 7 सी 13 1 ए ,13 2 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। आरोपिया में शामिल नाम दो पूर्व सीएमओ गजेन्द्र पांडे और गीता बाल्मिक वर्तमान राजस्व उपनिरिक्षक रवि गोल्हानी पीआईसी सदस्य देवकी शिवकुमार झारिया संगीता संजय गोल्हानी वर्षा श्री कांत गोल्हानी अनिता संदीप जैन सविता गोलू कुमरे समेत 14 दुकानदार शामिल है।

ये था नियम
नगर परिषद में चटटी से बसस्टैड मार्ग पर आठ शाॅपिंग काम्पलेक्स में 75 दुकाने बनाकर उनकी नीलामी की थी नियमानुसार सफल बोली दाताओ को 21 दिन के अंदर 25 प्रतिशत राशि और शेष राशि 120 दिनो के अंदर जमा करनी थी इसके अतिरिक्त अनुबंध निष्पादित कर मासिक किराया भी तय किया जाना था

जांच में हुआ खुलासा
जांच में खुलासा हुआ कि 24 अगस्त 2020 से 18 अक्टूबर 2024 के बीच कई दुकानदारों को पूरी नीलामी राशि जमा कराए बिना और बिना किसी अनुबंध के ही दुकानों का कब्जा दे दिया गया। कुल 32 दुकानों में से 13 दुकानदारों ने लगभग 79.82 लाख रुपये जमा नहीं किए। वहीं, परिषद लगभग 2.88 लाख रुपये का किराया भी वसूल नहीं कर पाई।
जांच में खुलासा हुआ कि 24 अगस्त 2020 से 18 अक्टूबर 2024 के बीच कई दुकानदारों को पूरी नीलामी राशि जमा कराए बिना और बिना किसी अनुबंध के ही दुकानों का कब्जा दे दिया गया। कुल 32 दुकानों में से 13 दुकानदारों ने लगभग 79.82 लाख रुपये जमा नहीं किए। वहीं, परिषद लगभग 2.88 लाख रुपये का किराया भी वसूल नहीं कर पाई।

जबलपुर निवासी रविंद्र सिंह आनंद की शिकायत पर शुरू हुई जांच में यह भी सामने आया कि आरक्षित वर्ग की दुकान क्रमांक 7 को नियमों के विपरीत वैभव दुबे को आवंटित कर दिया गया। यह आवंटन बिना पुनः नीलामी कराए किया गया, जबकि नियमानुसार किसी दुकान को अनारक्षित करने के लिए तीन बार नीलामी विफल होना आवश्यक है।
ईओडब्ल्यू के अनुसार, इस पूरे मामले में पद का दुरुपयोग और मिलीभगत कर शासन को भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाया गया है। मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है। जांच में हुआ खुलासापूर्व सीएमओ गीता वाल्मीक।
इन पर हुई एफआईआर

- गजेन्द्र पाण्डे तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पालिका परिषद लखनादौन
- गीता वाल्मीक तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पालिका परिषद लखनादौन
- रवि झारिया राजस्व उप निरीक्षक,4. भागचद्र अहिरवार,5. तेजस्व जैन
- शेलेन्द्र उर्फ सोनू यादव,7. सीमा गोल्हानी,8. संगीता गोल्हानी,9. बुलबुल जैन,10. खूबचंद चैकसे,11. सतीश उइके,12. देवेन्द्र राय श्रीवास्तव,13. सतेन्द्र विश्वकर्मा,14. गणेश पटेल,15. विकास नामदेव,16. शिवप्रसाद गोल्हानी ,13. सतेन्द्र विश्वकर्मा,14. गणेश पटेल,15. विकास नामदेव,16. शिवप्रसाद गोल्हानी,17. वैभव दुबे,18. मीणा बलराम गोल्हानी,19. देवकी शिवकुमार झारिया,20. संगीता संजय गोल्हानी,21. वर्षा श्रीकांत गोल्हानी,22. अनीता संदीप जैन,23. सविता गोलू कुमरे ।





