खरीदी केंद्र प्रभारी ने वेयर हाउस संचालक पर लगाए गंभीर आरोप, किसानों की बढ़ी परेशानी
5 दिन से उपज लेकर खड़े किसान, भाड़ा और समय दोनों हो रहे बर्बाद
सिवनी ( गोपालगंज ) बाघराज – भारतीय जनता पार्टी द्वारा किसानो की हितैषी सरकार कहकर ढिढोरा पीटा जाता है लेकिन जमीनी हकीकत तो देखिये कि किसान हैरान और परेशान है जिसका नमूना देखने मिला आपको बता दें सहकारी समिति सीलादेही द्वारा संचालित गेहूं खरीदी केंद्र बाघराज में व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर विवाद सामने आया है। केंद्र प्रभारी द्वारा वेयर हाउस संचालक पर लगाए गए आरोपों के चलते खरीदी कार्य प्रभावित हो रहा है, जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पिछले दो दिनों से खरीदी पूरी तरह बंद है
जानकारी के अनुसार, दिवाकर वेयर हाउस में 15 अप्रैल से गेहूं खरीदी शुरू की गई थी, लेकिन पिछले दो दिनों से खरीदी पूरी तरह बंद है। खरीदी केंद्र प्रभारी भीकम सनोदिया ने बताया कि वेयर हाउस संचालक द्वारा हमालों (मजदूरों) से आधार कार्ड मांगा जा रहा था तथा यह भी कहा गया कि यदि तौल में कमी या बोरी में गड़बड़ी हुई तो उसकी भरपाई हमालों से कराई जाएगी। इस शर्त से नाराज होकर हमालों ने 22 अप्रैल से काम पर आना बंद कर दिया, जिसके चलते खरीदी कार्य ठप हो गया।
वहीं, समिति के प्रशासक सुरेंद्र बघेल ने बताया कि प्रबंधक द्वारा यह जानकारी दी गई थी कि बिहार से हमाल बुलाए गए हैं और भोजन के बाद तुलाई शुरू होगी, लेकिन मौके पर पहुंचने पर कोई भी हमाल मौजूद नहीं मिला। इस संबंध में प्रभारी ने कहा कि हमाल नागपुर से आ रहे हैं और जल्द ही कार्य शुरू किया जाएगा।
एनएच-44 पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतार लग गई है
स्थिति यह है कि वेयर हाउस के बाहर से गुजरने वाले एनएच-44 पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतार लग गई है। करीब 30 से अधिक ट्रैक्टर सड़क किनारे खड़े हैं, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है और विशेषकर रात के समय दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
किसान 4 से 5 दिनों से अपनी उपज लेकर खरीदी केंद्र पर खड़े हैं
बताया गया कि 15 अप्रैल से 23 अप्रैल तक महज 3 हजार क्विंटल गेहूं की ही खरीदी हो सकी है, जिससे किसान अपनी उपज की तुलाई को लेकर चिंतित हैं। किसानों का कहना है कि वे 4 से 5 दिनों से अपनी उपज लेकर खरीदी केंद्र पर खड़े हैं। कई किसान किराए के ट्रैक्टरों में अनाज लेकर पहुंचे हैं, जिससे उनका खर्च लगातार बढ़ रहा है। यदि जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी तो उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

बडे कांटे के उपयोग पर मनाई
केंद्र में बड़े कांटे (वजन मशीन) की उपलब्धता के बावजूद तुलाई नहीं किए जाने पर प्रभारी ने बताया कि उच्च अधिकारियों द्वारा इसका उपयोग करने से मना किया गया है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और किसानों को कब तक राहत मिल पाती है।







