युवकन बाई का ग्राम के ही रहने वाले लकेश पंचेश्वर से अवैध संबंध थे
सिवनी – मुख्यालय के थाना ऊगली का यह मामला दिनांक 25 मई 2019 की रात्रि के लगभग 11 बजे है ग्राम बनाथर का है । ग्राम बनाथर के रहने वाले विदेश नागेश्वर की पत्नी युवकन बाई का ग्राम के ही रहने वाले लकेश पंचेश्वर से अवैध संबंध थे।
रास्ते का कांटा पति था जिसे हटाने योजना बनाई
जब उसे पता चला तो पत्नी को डांटा तो पत्नी उल्टा उसके साथ झगड़ा विवाद करती थी ,अवैध संबध में पति के बाधा बनने और टोकने की वजह से अपने पति को जान से मारने की योजना अपने प्रेमी लकेश के साथ बनाई।
परछी में अकेले सोने जानकारी युवकन ने अपने दोस्त और प्रेमी को दी
जिसके बाद युवकन ने बताई की उसका पति घर के बाहर परछी में सोता है तब रात्रि में पति को जान से खत्म की योजनानुसार दिनांक 25 मई 2019 को रात्रि लगभग 11 बजे प्रेमी लकेश पंचेश्वर और उसके साथी टक्कन मरकाम को अपने घर बुलाई।
बच्चों को पता ना चले इसलिए बाहर से दरवाजा बंद कर दिया
जिसके बाद आरोपिता ने घर का दरवाजा बाहर से लगा दी ताकि बच्चे जो घर में सो रहें थे ,उनको पता ना चल सके जिसके बाद परछी में सो रहे उसके पति के हाथो को आरोपी टक्कन सिंह ने पकड़ा , पत्नी ने पैर पकड़ा और विदेश ने गला दबाकर जान से खत्म कर दिया था इस मामले में पत्नी अंजान बनी रही।
जब पुलिस ने मामले की बारीकी से जाॅच की तो सब कुछ साफ हो गया
इस मामले की रिपोर्ट पर ऊगली थाना के तत्कालीन थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर प्रभारी हेमंत बाबरिया के द्वारा उचित जांच और अन्वेषण किया कोई भी चस्मदीद साक्षी घटना का नही था , परिस्थिजनक साक्ष्य जुटाकर आरोपी लकेश पंचेश्वर पिता काशीराम पंचेशर उम्र 47 वर्ष , टक्कन सिंह मरकाम पिता सुंदरलाल मरकाम उम्र 36 वर्ष,तथा मृतक की पत्नी युवकन बाई उम्र 33 वर्ष तीनों निवासी ग्राम बनाथर के विरुद्ध अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया था।
जिसके बाद माननीय न्यायालय ने गवाहो और सबूतो के आधार फैसला सुनाया
आगे मीडिया प्रभारी मनोज कुमार सैंयाम ने बताया जिसकी सुनवाई श्रीमान बलबीर सिंह धाकड़ , तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश सिवनी की अदालत में सुनवाई की गई,जिसमें शासन की ओर से असिटटेंट डीपीओ मनोज कुमार सैयाम के द्वारा बताया गया कि गवाहों और सबूतों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर प्रमाणित कराया और तर्क प्रस्तुत किए गए । जिसको दर्षि्टगत रखते हुए माननीय विद्वान न्यायालय द्वारा उपरोक्त तीनों अभियुक्तगणों को धारा= 302 भा0द0वि0 में आजीवन कारावास एवम 5000=5000 रुपए के अर्थदंड की सजा से दंडित करने का अभूतपूर्व निर्णय सुनाया है ।








